- एक मूर्ख व्यक्ति की कहानी से लीजिए सीख
नमस्कार
मैं आप लोगों को एक ऐसी Motivation Story से अवगत कराने जा रहा हूं जो आपको कुछ सीख देगी, कुछ लोग होते हैं जो हमेशा भगवान के ऊपर निर्भर रहते हैं। जैसे कि भगवान चाहेंगे तो हम परीक्षा में उत्तीर्ण हो जाएंगे, अगर ईश्वर चाहेगा तो हमें नौकरी मिल जाएगी। ऐसा सोचने वालों की इस कहानी को पढ़ने के बाद सोच बदल सकती है , दोस्तों ईश्वर आपकी तब तक कोई मदद नही कर सकते हैं जब तक कि आप स्वयं अपनी रक्षा नहीं कर सकते|
आइये कहानी की ओर चलते हैं
गांव में बाढ़ आ गई थी। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर–उधर भागने लगे और अपनी छत पर चढ़ने लगे। एक व्यक्ति छत पर चढ़कर भगवान को याद कर रहा था, क्योंकि उसको आस्था से बहुत ज्यादा लगाव था। पानी बढ़ता जा रहा था इतने में वहां पर एक नाव आई और अन्य लोगों ने उसे नाव पर आने के लिए कहा–
उसने जवाब दिया – नहीं, मेरी तो ईश्वर रक्षा करेंगे और वो नाव आगे निकल गई। फिर थोड़ी देर बाद एक और नाव आई फिर से लोगों ने उससे कहा– जल्दी आ जाओ, पानी बढ़ने वाला है बहुत जल्दी तुम्हारी छत तक पहुंच जाएगा। उसने जवाब दिया– मुझे कुछ नहीं होगा, मुझे तो ईश्वर बचाएगा। पानी लगातार बढ़ रहा था, अब छत पर भी पानी पहुंचने लगा इतने में एक हेलीकॉप्टर आया उसमें सवार एक व्यक्ति ने नीचे रस्सी फेंकी और उसे पकड़ कर ऊपर आने के लिए कहा। लेकिन उसने मना कर दिया, उसने जवाब दिया– नहीं मुझे तो भगवान बचाएंगे।
हेलीकॉप्टर से उस व्यक्ति ने आवाज लगाई कुछ ही पलों में पानी तुम्हारी छत तक पहुंच जाएगा, जल्दी आओ, उसने फिर भी मना कर दिया। और उसके बाद कुछ ही देर में वह पानी में डूबकर मर गया। मरने के बाद ऊपर वाले के पास पहुंचा, बेहद ही क्रोधित था। उसने भगवान से कहा– मैंने आपकी पूरी जिंदगी भक्ति की लेकिन फिर भी आप मुझे बचाने के लिए नहीं आए, भगवान ने जवाब दिया– मुर्ख भक्त तेरे पास जो दो नाव और हेलीकॉप्टर आए थे। उन्हें मैंने ही भेजा था, अब तू खुद ही बचने का प्रयास नही कर रहा तो मे तेरी कैसे मदद कर सकता हूँ। मैंने तुझे 3 बार बचने के लिए रास्ते दिए, लेकिन तू स्वयं बचने के लिए कर्म नहीं करेगा तो में भी तेरी कोई मदद नहीं कर सकता।
कहानी का आशय –जब तक आप स्वयं कर्म नहीं करेंगे, तब तक भगवान भी आपकी कोई मदद नहीं कर सकता।
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आज का प्रश्न- भगवान ने उस व्यक्ति को कितनी बार बचने के रास्ते दिये|
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